शौचालयों निर्माण में बडे पैमाने पर की जा रही धांधली, जिम्मेदार नहीं...

शौचालयों निर्माण में बडे पैमाने पर की जा रही धांधली, जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान, कैसे होगा स्वच्छ भारत?

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बाराबंकी – मुख्यमंत्री जी यहाँ तो बनने के साथ भरभरा कर ढह गया शौचालय? जिसके बाद अब शौचालय निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठना लाजमी है। मानक विहीन शौचालयों से भला कैसे ओडीएफ मुक्त का सपना पूरा हो सकेगा। केंद्र सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना भ्रष्टाचार,धांधली के चलते अधर में लटकी हुई है। खुलेआम मानकों को ताख पर रखकर मानक- विहीन शौचालयों का निर्माण कराना अब आम- बात सी हो गयी है। जिम्मेदार विभागीय अधिकारी शौचालयों की गुणवत्ता से रूबरू होना ही नहीं चाह रहै है। जिसके नतीजे स्वरूप एक बोरी सीम्रेंट से भी कम में शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। शौचालयों के निर्माण में भारी मात्रा में नहर की बालू का प्रयोग किया जा रहा है।और खुलेआम पीली ईटों का प्रयोग कर शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है।दरवाजे आदि भी घटिया किस्म के लगाये जा रहै है। शौचालयों का निर्माण पूरी तरह से मानकों को ताख पर रखकर कराया जा रहा है। मिलीभगत के चलते स्थानीय विकास विभाग भी अपने कर्तव्यों से इतिश्री कर रहा है। हद तो तब हो जाती है, जब जिम्मेदार मानकों की दुहाई देकर अपना पल्ला झाड़ लेते है।

क्या है मामला।

मामला जिले के विकास खंड सिद्धौर के कमालाबाद ग्राम पंचायत सैमरी की ,जहाँ शुभाष व हरीलाल का शौचालय बनने के बाद भरभरा कर- ढह गया। जिसके बाद से ग्रामीणों में शौचालय निर्माण में धांधली को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीण बताते है की हम चाहे जिससे कहे कोई- सुनने वाला तक नहीं है। ग्रामीण बताते है की एक बोरी सीम्रेंट से भी कम में शौचालयों का निर्माण यहाँ करवाया जा रहा है। नहर व पास स्थिति नदी से लायी गयी बालू का भारी- मात्रा में प्रयोग हो रहा है। ईटे भी घटिया पीली किस्म की लगाई जा रही है। जिसे देखने के बाद आप स्वयं शौचालयों की गुणवत्ता का अंदाजा लगा सकते है। ग्रामीण कहते है की शौचालय निर्माण में प्रधान व पंचायत द्वारा ठेकेदारों के माध्यम से मानक विहीन शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है शौचालय निर्माण में मानकों को ताख पर रखकर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। गांव में ऐसे शौचालय बनाए जा रहै जो ज्यादा दिनों तक उपयोग के लिए टिक ही नहीं पायेंगे। यहाँ केवल कहने मात्र को शौचालय निर्माण कराया जा रहा है प्रधान व पंचायत सचिव द्वारा मानक विहीन शौचालयों का निर्माण करवाकर केवल खानापूर्ति कर सरकारी पैसा हड़पने का खेल खेला जा रहा है। अब देखना यह होगा क्या इस ओर विभागीय अधिकारी ध्यान देते है या इसको भी नजरअंदाज करते है।

क्या बोले जिम्मेदार

डीपीआरओ बाराबंकी अनिल कुमार श्रीवास्तव का कहना है की यदि शौचालय निर्माण में धांधली की जा रही है, तो यह गलत है शौचालयों के निर्माण में किसी भी स्तर पर मानकों के साथ समझौता नहीं किया जायेगा यदि ऐसा हो रहा है तो जाँच कराकर उचित कारवाई की जायेगी। बात रही शौचालय ढहने की तो इसकी भी जाँच करायी जायेगी। शौचालय निर्माण में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेंगी।

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