प्रियंका की एंट्री पर बसपा ने बदली रणनीति, मायावती के चुनाव लड़ने...

प्रियंका की एंट्री पर बसपा ने बदली रणनीति, मायावती के चुनाव लड़ने पर संशय!

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priyanka gandhi
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आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी है. लोकसभा चुनाव के लिए यूपी के सियासी रण में पल-पल रणनीति बदलती नजर आ रही है. सपा-बसपा ने आपस में गठबंधन कर कांग्रेस को प्रदेश में हाशिए पर ढकेल दिया है. इसे देखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी बहन प्रियंका गांधी को राजनीति में सक्रिय है. प्रियंका गांधी के सक्रिय होने के बाद से बसपा खेमें में बैचेनी बढ़ने लगी है. प्रियंका के आने से गठबंधन और बीजेपी दोनों को ही अपनी रणनीति में बदलाव करने को मजबूर कर दिया है. इसमें खासकर बसपा अपनी रणनीति पर नए सिरे से काम कर रही है.

मायावती बदल सकती हैं फैसला :

2019 के लोकसभा चुनावीं में सपा-बसपा गठबंधन के तहत जहां मायावती चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही थीं, अब वह अपना इरादा बदल सकती है.बसपा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, प्रियंका गांधी की राजनीति में एंट्री के बाद अब बसपा सुप्रीमो मायावती के चुनाव मैदान में उतरने की संभावना कम दिखाई दे रही है. इसके अलावा मुस्लिम वोटरों के रुख को देखते हुए लोकसभा सीटों व टिकटों के बंटवारे पर नए सिरे से मंथन भी किया जा रहा है.
बता दें कि 2019 में बसपा सुप्रीमो मायावती के बिजनौर के नगीना सीट से चुनाव लड़ने की खबरें हो रही थी लेकिन अब यहां से गिरीश चंद्र जाटव के चुनाव लड़ने की बात सामने आ रही है. कहा ये भी जा रहा था कि मायावती अम्बेडकरनगर से भी चुनाव लड़ सकती हैं लेकिन अब यहां से रमेश पांडेय को टिकट मिलना तय माना जा रहा है.

नयी रणनीति बनाने में जुटी बसपा :

सपा से गठबंधन के ऐलान के बाद से बसपा ने करीब दो दर्जन प्रभारियों के नामों का ऐलान कर दिया है. बसपा में काफी समय से परंपरा रही है कि लोकसभा प्रभारी ही पार्टी प्रत्याशी होते हैं लेकिन अब नई रणनीति के मुताबिक, इनमें भी कुछ बदलाव होने की उम्मीदें हैं.

सूत्रों के अनुसार, पहले बसपा मुस्लिम प्रत्याशियों को ज्यादा टिकट देने के मूड में नहीं थी लेकिन प्रियंका के आने के बाद मुस्लिमों को तेवर को देखते हुए अब मुसलमानों को ज्यादा भागीदारी देने पर भी मंथन चल रहा है. अब टिकट देने में आर्थिक स्थिति के साथ ही पार्टी के पूर्व सांसद, विधायक और बसपा सरकार में मंत्री रहे नेताओं के नाम पर गंभीरता से विचार कर रही हैं.

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