मारवाह स्टूडियो ने ‘इंडिया बोस्निया कल्चरल फोरम’ के द्वारा वर्कशॉप...

मारवाह स्टूडियो ने ‘इंडिया बोस्निया कल्चरल फोरम’ के द्वारा वर्कशॉप का आयोजन किया गया

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मारवाह स्टूडियो ने 'इंडिया बोस्निया कल्चरल फोरम' के वर्कशॉप का किया आयोजन
नोएडा के सेक्टर 16 में स्थित मारवाह स्टूडियो में भारत, बोस्निया और हर्जेगोविना के सम्मिलित प्रयास से *इंडिया बोस्निया कल्चरल फोरम* के द्वारा एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया जिसका उद्देश्य भारत और बोस्निया के बीच फिल्मों के माध्यम से संबंधों को मजबूत करना है।
 25 मार्च से 27 मार्च तक चलने वाले इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन फिल्म सिटी में स्थित मारवाह स्टूडियो में किया गया।
इस कार्यक्रम में भारत,बोस्निया  और हर्जेगोविना के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने का जो प्रयास किया गया वह बेहद सराहनीय है इसमें दोनो देशों के फिल्म जगत से संबंध रखने वाले प्रतिष्ठित कलाकारों ने भाग लिया और अपने विचार भी प्रकट किए इस कार्यक्रम में बोस्निया और हर्जेगोविना की प्रसिद्ध फिल्म डायरेक्टर स्क्रीन राइटर आइदा बेजिक, डायरेक्टर फारूक़ लोंकरेविक बोस्निया और हरजेगोविना के राजदूत मोहम्मद सेनजिक एवं भारत की प्रसिद्ध क्लासिकल डांसर डॉक्टर कल्पना भूषण सहित कई गणमान्य हस्तियों ने अपनी  उपस्थिति दर्ज करा कर भारत और बोस्निया को फिल्मों एवं सांस्कृतिक धागों से बांधने की पुरजोर कोशिश की।
भारत आज दुनिया की सबसे बड़ी उभरती हुई फिल्म इंडस्ट्री है इसलिए यह दुनिया के तमाम देशों को इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का निरंतर अवसर भी प्रदान कराता रहता है भारत ,बोस्निया और हर्जेगोविना के बीच आयोजित यह फिल्म वर्कशॉप दोनो देशों के बीच फिल्मों की कलात्मकता उनके निर्माण एवं निर्देशन कला को और भी परिष्कृत करेगी जिसका लाभ दोनों देशों को निश्चित रूप से प्राप्त होगा।
भारत ,बोस्निया और हर्जेगोविना के बीच आयोजित फिल्म वर्कशॉप के अवसर पर आई सी एम ई आई के प्रेसिडेंट संदीप मारवाह ने अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि इस वर्कशॉप से दोनों देशों के बीच अंतःसंबंधों को मजबूती मिलेगी। एक तरफ जहां भारत की सभ्यता और संस्कृति से बोस्निया को परिचय करने का मौका मिलेगा तो वहीं दूसरी तरफ भारत को भी एक दूसरी संस्कृति एवं सभ्यता कला के बारे में जानने का एक अवसर प्राप्त होगा।  संदीप मारवाह ने फिल्म एवम मीडिया के क्षेत्र में सरकार के सहयोग के लिए धन्यवाद भी किया।
 इस कार्यक्रम में शामिल हुए पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल कृष्ण मोहन सिंह ने   aaft को भारत की पहली फिल्म यूनिवर्सिटी के बारे में लोगों को बताया और कहा कि छत्तीसगढ़ में स्थित यह पहली यूनिवर्सिटी होगी  जिसमें बच्चे फिल्म इंडस्ट्री की बारीकियों का अध्ययन कर सकेंगे।
बोस्निया के राजदूत ने कहा कि मुझे बड़ी खुशी है की मुझे इस फिल्म वर्कशॉप का हिस्सा बनने का अवसर प्राप्त हुआ। बोस्निया भारत के मुकाबले एक छोटा देश है और सबसे बड़ी खुशी की बात है कि यहां के फिल्मी कलाकारों से हमारे देश के लोग प्रेरणा लेते हैं और मेरे लिए बड़े ही गर्व का विषय है कि अाइदा बेजिक बोस्नियाऔर हर्जेगोविना की पहली महिला फिल्ममेकर बनी जिन्होंने अपने देश का नाम पूरे विश्व में गर्व से ऊंचा किया है।
कार्यक्रम में उपस्थित हुए सभी अतिथियों ने इस कार्यक्रम के संयोजक मारवाह स्टूडियो के संस्थापक संदीप मारवाह का धन्यवाद कहा और कार्यक्रम की सफलता पर अपने अपने विचार भी प्रकट किए साथ ही आशा जताई कि ऐसे कार्यक्रम आगे भी होते रहेंगे ताकि एक दूसरे देशों को इसका लाभ प्राप्त होता रहे ।

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