तो क्या 2050 तक समुंद्र निगल लेगा धरती !

तो क्या 2050 तक समुंद्र निगल लेगा धरती !

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जलवायु परिवर्तन की वजह से दुनिया के तमाम शहर डूब रहे हैं। धुवों पर स्थित ग्लेशियरों के पिघलने की वजह से समुद्र में पानी बढ़ता जा रहा हैं, और ऐसे हालातों के चलते वो दिन दूर नही जब पूरी धरती पर से जमीन का नामोनिशान खत्म हो जाएगा ।

विशेषज्ञों की मानें तो समुंद्र के बढ़ते जलस्तर से डूबने वाला पहला शहर इंडोनेशिया  की राजधानी, जकार्ता होगा।

जकार्ता जिस तेजी से डूब रहा है वो काफ़ी ख़तरनाक है, जकार्ता में लगभग एक करोड़ लोग रहते हैं, दुनिया के किसी दूसरे शहर की तरह लोग काम पर जाते हैं, घर आते हैं और वापस काम पर जाते हैं, हवा और पानी जैसी आम समस्याओं से दो चार होते हैं।लेकिन इस शहर में रहने वालों के पैरों तले ज़मीन खिसक रही है, और वो भी हर साल 25 सेंटीमीटर की दर से।

बीते दस सालों में ये शहर ढाई मीटर ज़मीन में समा गया है, और इसी के चलते इंडोनेशिया के योजना मंत्री बंबांग ब्रॉडजोनेगोरो ने यह जानकारी दी हैं कि- इंडोनेशिया 10 साल बाद अपनी राजधानी जकार्ता को बदल देगा, नई राजधानी को कहां बसाया जाएगा इसका खुलासा अब तक नही किया गया हैं लेकिन पलंकरया शहर का नाम चर्चा में हैं। पलंकरया बोर्नियो द्धीप पर हैं। राष्टपति जोको विडोडो ने भी राजधानी बदलने के  नेशनल डेवलेपमेंट एंड प्लानिंग बोर्ड प्लान का समर्थन किया हैं।

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की भी एक रिर्पोट के अनुसार जकार्ता दुनिया का सबसे तेजी से डूब रहा शहर हैं। हालांकि जहां तक राजधानी को दूसरी जगह बसाने की बात हैं, इसमें करीब दस वर्ष का समय लगेगा, इस दौरान करीब 2.31 लाख करोड़ रूपए खर्च होगें। यह सब कुछ दूसरी जगह पर लोगो के रहने के लिए बनाए जाने वाले ढांचे और अन्य सुविधाओं पर खर्च होगें।

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