5th GLF के दूसरे दिन का कार्यक्रम भी बहुत ही शानदार रहा

5th GLF के दूसरे दिन का कार्यक्रम भी बहुत ही शानदार रहा

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नोएडा के मारवाह स्टूडियों में चल रहे तीन दिवसीय ‘पांचवें ग्लोबल लिटरेरी फेस्टिवल’ के आज दूसरे दिन का कार्यक्रम भी बहुत ही शानदार रहाI विघ्नहर्ता गणेश वंदना एवं वैदिक मंत्रोचारण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस फेस्टिवल के दूसरे दिन ‘वर्तमान समाज में साहित्य के प्रति लोगों की रुचि को कैसे बढ़ाया जाए’, इस विषय पर विशेष रूप से चर्चा की गई। जिसमें देश -विदेश से आए हुए विभिन्न महानुभावों ने अपने- अपने वक्तव्य पेश किया।इसमें मुख्य रूप से इस बात पर विशेष बल दिया गया कि जो हमारा प्राचीन साहित्य है, और जो हमारे पूर्वजों के द्वारा लिखी गई भारतीय सभ्यता और संस्कृति की गौरव गाथा संरक्षित करके रखी गई है उसे हमें अवश्य जानना चाहिए और उसके लिए हमें साहित्य का ही अनुसरण करना पड़ेगा। क्योंकि साहित्य ही हमें उन चीजों की पूर्ण जानकारी उपलब्ध करा सकते हैंI साहित्य शिक्षक है, साहित्य दर्पण है, साहित्य मार्गदर्शक है, साहित्य भूतकाल की दशाओं को वर्तमान में समझकर भविष्य के निर्माण के मार्ग को प्रशस्त करने का एक ऐसा मानचित्र है जिस पर चल कर हम अपनी गौरव गाथा को और भी भव्य बना सकते हैं।
इस कार्यक्रम में ICMEI के प्रेसिडेंट संदीप मारवाह, बोस्निय के अम्बेसडर मोहम्मद सेंजिक, मंगोलिया के एम्बेसडर गोचिंग गैम्बल्ड, राइटर अशोक त्यागी, प्रसिद्द क्लासिकल डांसर शोभा नारायण, फिल्म प्रोडूयूसर और राइटर याशिर उस्मान सहित कई गणमान्य महानुभावों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज करायी।
कार्यक्रम में वैदिक साहित्य और योग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई, जहां पर वेद हमारे प्राचीन सभ्यता और संस्कृति को परिलक्षित करते हैं। जो वर्तमान समय में योग से शरीर को स्वस्थ रखने की एक जानकारी प्रदान करती हैI
ICMEI के प्रेसिडेंट संदीप मारवाह ने कहा कि साहित्य को निरंतर पढ़ते रहना चाहिए, क्योंकि साहित्य से मन शुद्ध होता हैI साहित्य और योग मिलकर मन, मस्तिष्क और शरीर के संतुलन को बनाए रखने में सबसे बड़े सहायक होते हैं, इसलिए हमें साहित्य को ज्यादा से ज्यादा पढ़ना चाहिए। और उनसे हमें भूतकाल, वर्तमान, एवं भविष्य की सभी दशाओं का पता चलता है और हम अपने मार्ग से कभी विचलित नहीं होते हैंI साथ ही कार्यक्रम में आए हुए सभी लोगों को बहुत-बहुत धन्यवाद भी दिया।
इस कार्यक्रम के अन्तिम पड़ाव में दीनदयाल उपाध्याय फोरम का विमोचन किया गया साथ ही “मंथन” नाम से न्यूज़ लेटर भी रिलीज किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथियों में शामिल पद्मश्री शोभा नारायण सहित सभी अतिथियों को फेस्टिवल सर्टिफिकेट और मोमेंटो देकर सम्मानित भी किया गया।

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