बिना शतक लगाए दर्शकों ने बजाय जमकर तालियां , स्मिथ भी हुए...

बिना शतक लगाए दर्शकों ने बजाय जमकर तालियां , स्मिथ भी हुए शर्म से लाल |

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The audience applauded without putting a century, Smith also became red with shame.

सिडनी टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. टीम को पहला झटका जल्द ही लग गया जब ओपनर जो बर्न्स महज़ 18 रन बनाकर कोलिन डी ग्रैंडहोम का शिकार बन गए. उन्हें पहली स्लिप में खड़े रोस टेलर ने कैच आउट किया. दूसरे छोर पर मजबूती से खड़े डेविड वॉर्नर की 80 गेंद पर खेली गई 45 रनों की पारी का अंत नील वैगनर ने किया, जिनकी गेंद पर ग्रैंडहोम ने जबरदस्त कैच पकड़ा. तीसरे नंबर पर आए मार्नस लाबुशेन तब तक अपनी पारी का मजबूत आधार रख चुके थे |

इससे पहले 45 मिनट और 39वीं गेंद पर पहला रन बना पाए स्टीव स्मिथडेविड वॉर्नर का विकेट ऑस्ट्रेलियाई पारी के 28वें ओवर की तीसरी गेंद पर गिरा. इस समय तक मेजबान टीम ने 95 रन बना लिए थे. ऐसे में मार्नस लाबुशेन का साथ देने के लिए स्टीव स्मिथ ने क्रीज पर कदम जरूर रखा, लेकिन लंबे समय तक स्मिथ बल्ले से कोई योगदान नहीं दे सके. हद तो तब हो गई जब 6 ओवर खेलने के बावजूद वे 45 मिनट तक अपना खाता नहीं खोल सके. आखिरकार ऑस्ट्रेलियाई पारी का 40वां ओवर फेंकने नील वैगनर आए, जिनकी दूसरी गेंद पर स्मि‌थ ने एक जोखिमभरा रन लेकर अपना खाता खोला. ये स्मि‌थ की पारी की 39वीं गेंद ‌थी. स्मिथ ने जैसे ही खाता खोला, मैदान पर मौजूद दर्शकों ने खड़े होकर जोरदार तालियां बजाकर उसी अंदाज में उनका अभिवादन किया, जैसे कि उन्होंने शतक लगा लिया हो. ये देखकर स्मि‌थ भी अपनी हंसी नहीं रोक सके और उन्हों ने हाथ उठाकर इस अभिवादन को स्वीकार किया. इतना ही नहीं, न्यूज़ीलैण्ड के तेज गेंदबाज नील वैगनर ने भी स्मिथ की पीठ पर शाबाशी दी |


यह पहली बार नही है की किसी बल्लेवाज़ ने इतने गेंद खेलने के बाद अपनी पारी की शुरुआत की हो , हम आपको बता दे की कई और महान दिग्गज बल्लेबाज है जिन्हों ने अपने बल्ले का मुँह लगभग 70-75 गेंद खेलने के बाद खोला | जी हाँ इस तरह की साधी और धीमी बल्लेवाजी विपक्षी टीम को परेशान और विचलित कर देती है जिससे उनका मनोबल और हौसला कमजोर हो |

हम आपको बता दे की साल 1999 दक्षिण अफ्रीका बनाम न्यूजीलैंड टेस्ट मैच मे भी कुछ ऐसा हीं हुआ था जो आज भी लोग नही भूले है | दरअसल ज्योफ अलॉट के लगभग 2 घंटे हो चुके थे क्रीज़ पे आए हुए उन्होने 77 गेंद भी खेल चुके थे लेकिन उन्होने अभी तक बल्ले का मुंह नही खोला था ,इसके बाद राहुल द्रविड़ को भारत का दीवार माना जाता है विपक्षी टीम के मनोबल और हौसले को तोड़ना हो तो राहुल द्रविड़ से सीखें| उन्हों नें लगभग 96 गेंद खेलने के बाद मात्र 9 रन बनाए थे|

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