देवभूमि रसोई, हरिद्वार में हुई आरजेएस की 128 वीं सकारात्मक ‌ बैठक.

देवभूमि रसोई, हरिद्वार में हुई आरजेएस की 128 वीं सकारात्मक ‌ बैठक.

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128th Positive meeting of RJS held at Devbhoomi Kitchen, Haridwar.

हरिद्वार । देश के 25 राज्यों में सकारात्मक भारत आंदोलन चला रही टीम आरजेएस का प्रतिनिधिमंडल पत्रकार मनोजीत सिंह, राजेंद्र सिंह यादव,प्रखर वार्ष्णेय ,प्रांजल श्रीवास्तव राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना के नेतृत्व में आज 20फरवरी 2020को आरजेएस फैमिली से जुड़े पंकज अग्रवाल के निमंत्रण पर पहुंचा हरिद्वार ।
पतंजलि योगपीठ फेज-वन के सामने देव भूमि रसोई में आरजेएस की 128वीं सकारात्मक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें हरिद्वार प्रेस क्लब के अध्यक्ष
राजेश शर्मा और हरिद्वार के पत्रकारों से टीम आरजेएस रूबरू हुई और सकारात्मक पत्रकारिता पर चर्चा हुई। बैठक में वरिष्ठ रंगकर्मी मोहन उप्रेति व नईमा खान उप्रेति और‌ लोक कवि और गायक चंद्र सिंह राही को श्रद्धांजलि देकर उनके बारे में चर्चा की गई।
बैठक के आयोजक पंकज अग्रवाल ने आमंत्रित सभी पत्रकारों और समाज सेवियों का स्वागत करते हुए कहा कि देवभूमि रसोई यानी पहाड़ी खाना दुनिया के सामने आना चाहिए। पहाड़ी संस्कृति को सबसे पहले उत्तराखंड निवासी अपने दिल में उतारें और कहीं न कहीं लुप्त होती संस्कृति और सुप्त होते हमारे विचार, जिनके लिए वाकई राज्य का
गठन हुआ था ,उसे पुनर्जीवित किया जाए।
आरजेएस के समर्थन पर पंकज अग्रवाल ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि 25 राज्यों की आरजेएस फैमिली व पाॅजिटिव मीडिया का प्रतिनिधि मंडल उत्तराखंड की संस्कृति व व्यंजन को देश भर में समर्थन दिलाने की सकारात्मक सोच के साथ उत्तराखंड सप्ताह यात्रा कर रह है ।यह उत्तराखंड के लिए गौरव की बात है। श्री अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखंड का भोजन सबसे सादा और एक ही मसाले ,एक ही तेल में बनने वाला पहाड़ी व्यंजन है ।यदि हम तराई क्षेत्रों में पलायन कर भी गए हैं ,तब भी अपने अपने क्षेत्रों में उत्तराखंड की संस्कृति और पहाड़ी खाना को जिंदा रख सकते हैं।
देवभूमि रसोई की शुरुआत इसी मंतव्य से की गई है कि उत्तराखंड आनेवाले ‌ पर्यटकों को पहाड़ी संस्कृति से रूबरू कराया जा सके। पर्यटकों को पहाड़ी खाना में मंडुवे की आटे में गहद भरी हुई भरया रोटी , पहाड़ी मट्ठा पल्लर, पहाड़ी झंगोरे का दलिया ,खीर आदि बनाए जा सकते हैं।मिष्ठान में बाल मिठाई,मीठू बात,खोई पेड़ा और लोई‌ पेड़ा , सिंगोड़ी आदि प्रमुख पसंदीदा व्यंजन हैं जिन्हें सर्व सुलभ किया जा सकता है।
आरजेएस‌ के राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना ने कहा कि अन्य राज्यों की संस्कृति की तरह पहली बार आरजेएस फैमिली और पॉजिटिव मीडिया ने उत्तराखंड संस्कृति व व्यंजन को समर्थन देने‌के लिए 19 फरवरी से 25 फरवरी तक यात्रा कर समर्थन दिया।
हरिद्वार, देहरादून, मंसूरी, रोतुली की बेली ,धनौल्टी, टेहरी, ऋषिकेश आदि क्षेत्रों में रहने वाले भाई बहनों से मिलकर आरजेएस प्रतिनिधिमंडल हाल-चाल पूछ रहे हैं। बैठक में स्थानीय पत्रकारों और राजेंद्र सैनी व अश्विनी सैनी का सहयोग सराहनीय रहा। बैठक के अंत में प्रतिभागियों ने देवभूमि रसोई में लजीज पहाड़ी खाना का स्वाद लिया।

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