13 वे ग्लोबल फिल्म फेस्टिवल के दुसरे दिन के तीसरे सत्र में...

13 वे ग्लोबल फिल्म फेस्टिवल के दुसरे दिन के तीसरे सत्र में फिल्म जगत से जुड़े लोगों की सुरक्षा के विषय पर गंभीर रूप से चर्चा हुई

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नॉएडा के फिल्म सिटी में स्थित मारवाह स्टूडियो में 13 वे ग्लोबल फिल्म फेस्टिवल के दुसरे दिन के तीसरे सत्र में फिल्म जगत से जुड़े लोगों की सुरक्षा के विषय पर गंभीर रूप से चर्चा हुईI

ICMEI के प्रेसिडेंट डॉ. संदीप मारवाह ने कहा कि आने वाली हर चुनौतियों से लड़ने के लिए हमें तैयार रहना चाहिएI किसी भी घटना के बाद हम तुरंत यह सोच लेते हैं कि आदमी के साथ कुछ गलत हुआ है। परन्तु सबसे पहले हमें जांच करनी चाहिए और फिर कार्रवाई करनी चाहिए। यह मत सोचिए की यदि कोई घटना दूसरे के साथ हुई है तो वह आपके साथ नही हो सकती, यह सोचना बिलकुल गलत हैI आपको पहले से ही अपनी सुरक्षा को लेकर सचेत रहना चाहिएI कोरोना की महामारी ने हमारे जीवन की आदतों में कुछ नए मानदंड लाये हैं, हमें उन्हें अब अपनी प्रणाली में शामिल करना होगा ” ।

प्रसिद्द फिल्म लेखक पंछी जलोनवी ने कहा कि “फिल्म इंडस्ट्री में सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसकी कोई निश्चित दर सूची नहीं है और हर फिल्म के साथ आपको अपने ही पैसे के लिए निर्भर रहना पड़ता है। बहुत सालों से काम करने के बाद भी आपको क्या मिलने वाला है, इसकी कोई गारंटी नहीं है।

प्रसिद्ध फिल्म निर्माता अमृता रॉय ने फिल्म उद्योग की मौजूदा स्थितियों में अनियमितता स्वच्छता की समस्याओं, सूटिंग की समस्या, अनुचित ढंग से लिए जाने वाले निर्णय आदि के बारे में जानकारी दी। और बताया की रहना की सुविधा यहाँ एक और बहुत बड़ी समस्या है, जिसपर हमें विचार करना चाहिए।

मुकेश त्यागी ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री को पूरी तरह से उपयोग नहीं किया गया है। ट्रांसपोर्ट से लेकर शूटिंग लोकेशन, रिफ्रेशमेंट ब्रेक, लोगों के लिए टाइमिंग, समय पर भुगतान पर्याप्त किया गया है लेकिन बहुत कुछ किया जाना अभी बाकी भी है। हमें संगठित होकर सरकार से फिल्म इंडस्ट्री का समर्थन करने के लिए बात करनी चाहिएI
एसोसिएशन ऑफ फिल्म वर्कर्स के कानूनी सलाहकार अमित मेहता ने कहा कि पर्याप्त नियम और कानून हैं जो उद्योग के प्रत्येक सदस्य को यह जानना चाहिए, जिससे इंडस्ट्री में कार्य करने में सुविधा मिलेगी कुछ नियम ऐसे हैं जिसमें सुधार की आवश्यकता हैI

फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉईज के अध्यक्ष बी.एन.तिवारी ने कहा कि “जहाँ भी शूटिंग, प्रोडक्शन और जहां पोस्ट प्रोडक्शन हो रहा है, वहां नए नियम और कानून पहले ही चलन में आ गए हैं। उद्योग अभी खुल गया है और नए नियम के अनुसार चल रहा है। इस महामारी के दौरान हमने लोगों से फंड एकत्र किए और इस इंडस्ट्री के सबसे अधिक जरूरत वाले लोगों को वितरित भी किया I

लंदन यूके के एक अभिनेता और फिल्म निर्माता पीटर फेरिस ने यूके फिल्म उद्योग में तरीकों और स्थितियों के बारे में भी बताया। फिल्म निर्माता एंड एडवोकेट अनूप बोस, फिल्म निर्माता रवींद्र सिंह राजावत, अभिनेत्री रेहना पंडित ने भी चर्चा में अपना योगदान दिया।

इस आयोजन को अंतर्राष्ट्रीय फिल्म और टेलीविजन क्लब, अंतर्राष्ट्रीय फिल्म और टेलीविजन रिसर्च सेंटर, अंतर्राष्ट्रीय सार्वजनिक प्रसारण मंच, अंतर्राष्ट्रीय बाल फिल्म मंच, अंतर्राष्ट्रीय महिला फिल्म मंच और AAFT मीडिया एंड आर्ट्स द्वारा किया गयाI

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