OTT प्लेटफॉर्म भारत के साथ ही दुनिया के कई हिस्सों में बहुत...

OTT प्लेटफॉर्म भारत के साथ ही दुनिया के कई हिस्सों में बहुत अधिक लोकप्रिय हो रहा है-ICMEI प्रेसिडेंट, संदीप मारवाह

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नॉएडा :13 वें ग्लोबल फिल्म फेस्टिवल के तीसरे दिन ओटीटी प्लेटफार्म के महत्त्व पर की गयी चर्चा
ओवर – द – टॉप मीडिया प्लेटफॉर्म विश्व स्तर पर हाल के सबसे ज्यादा ट्रेंडिंग प्लेटफॉर्म हैं और इसमें भारत भी पीछे नहीं है| करोड़ो भारतीय सक्रिय रूप से वीडियो ओटीटी प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैI आने वाले समय में भारत में ओटीटी प्लेटफॉर्म का बाजार बहुत ही अधिक बढ सकता है|भविष्य में भारत में अधिकतर लोग इसी का उपयोग कर इसे और भी अधिक ऊँचाइयों तक पहुंचा सकते हैं|
13 वें ग्लोबल फिल्म फेस्टिवल एवं ICMEI के प्रेसिडेंट संदीप मारवाह ने बताया कि आज ओटीटी प्लेटफॉर्म भारत के साथ ही दुनिया के कई हिस्सों में बहुत अधिक लोकप्रिय हो रहा हैI “ओटीटी के उद्भव ने मनोरंजन क्षेत्र में एक नई क्रांति लाई है साथ ही इसे  सुविधाजनक,  सुलभ और सस्ती बना दिया है। मोबाइल फोन और इंटरनेट कनेक्शन वाला कोई भी व्यक्ति दुनिया में कहीं भी बैठकर फ़िल्में आसानी से देख सकता है।
मुंबई के प्रसिद्ध फिल्म निर्माता राहुल मित्रा ने कहा  कि ओटीटी ने हम सभी को महामारी के दौरान व्यस्त रखा है। OTT हमारे सामने एक नए  विकल्प के रूप में है, यह अब सिनेमा पर भी लागू होने जा रहा है, आने वाले समय में  ओटीटी नये दर्शकों को जोड़ने वाला है।
 AAFT के पूर्व छात्र अभिनेता एवं फिल्म निर्माता मासूम सिंह ने ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर फिल्में देखने की सुविधा के बारे में   बात की। उन्होंने रचनात्मक शॉर्ट्स को बनाए रखने एवं फिल्मों की मौलिकता के विषय पर अपनी बात रखी।
 फिल्म निर्माता केशव पनेरी ने कहा  कि “OTT ने इस महामारी के दौरान सबसे अच्छा मनोरंजन का साधन उपलब्ध  कराया है। उन्होंने कहा की कुछ फ़िल्में जो मुझे याद आईं वे लॉकडाउन के दौरान मैंने OTT प्लेटफार्म पर ही देखी ।  OTT बड़ी स्क्रीन और मौजूदा चैनलों के अलावा व्यापक बाजार है|
अशनूर कौर ने कहा,  “फिल्म निर्माताओं के पास खुद को अभिव्यक्त करने के लिए यह एक खुला मंच है, जहाँ पर टैलेंट को दिखाने का बहुत ही अच्छा अवसर प्राप्त होता है।
दुबई के फिल्म निर्माता संजय प्रसाद ने कहा कि “ओटीटी कई नए फिल्म निर्माताओं के लिए आगे बढ़ने का एक नया अवसर है। परन्तु फिल्मों की गुणवत्ता अच्छी होनी चाहिए और फिल्मों का कंटेंट अलग होना चाहिए तभी सफलता मिलती है।
मीडिया एंड एंटरटेनमेंट स्किल काउंसिल के हेड मोहित सोनी ने कहा कि  “ओटीटी फिल्म निर्माताओं, तकनीतज्ञों के साथ उद्योग का आकार बड़ा हो गया है, यह नए दर्शकों के लिए अलग-अलग तरीके के मनोरंजन के साधन उपलब्ध करवा रहा है, आने वाले समय में यह बहुत बड़ा बाजार बनने वाला है।
ग्रीस की फिल्म निर्माता जेम्स मिमिकोस ने कहा की  “यह सिनेमा देखने का एक नया तरीका है । तकनीकी विकास के साथ फ़िल्में देखने की अवधारणा बदल गई है। सिनेमाघर की जगह होम सिनेमा में लोगों की रुची बहुत बढ़ रही हैI परिवार के साथ बैठकर फ़िल्में देखने का समय वापस आ रहा है।
इस कार्यक्रम में फिल्म निर्माता केशव पनेरी को  सिनेमा में उनके विशेष योगदान के लिए इंटरनेशनल चैम्बर ऑफ़ मीडिया एंड एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री द्वारा सम्मनित भी किया गया ।
इस आयोजन को अंतर्राष्ट्रीय फिल्म और टेलीविजन रिसर्च सेंटर,  इंटरनेशनल पब्लिक ब्रॉडकास्टिंग फोरम के सहयोग से आफ्ट(AAFT) विश्वविद्यालय और इंटरनेशनल चैम्बर ऑफ़ मीडिया एंड एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के साथ इंटरनेशनल फिल्म एंड टेलीविजन क्लब द्वारा प्रस्तुत किया गया।

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